In the present story, ‘The Betrayal of Faith’, the author E.R. Braithwaite has raised the problems of colonial people specially Negroes. The entire story revolves around the Negroes. The author has made Britain the focal points. The colonial holds faith in the British way of life. But in Britain the English people have no regard for this fantastic phenomenon of the colonial people. They consider the negroes placed at the bottom of the society. On the other hand, the author is well qualified and competent for the job for which is qualified. But his race was the main hindrance because he was a negro. It was certainly the breach of his faith in the British way of life. So, the title is apt and appropriate.
प्रस्तुत कहानी ‘विश्वास के साथ विश्वासघात’ में लेखक ई.आर. ब्रैथवेट ने उपनिवेशों में रहने वाले खास कर नीग्रो लोगों की समस्या को उठाया है। पूरी कहानी ही नीग्रो के इर्द-गिर्द घूमती है। लेखक ने ब्रिटेन को कहानी का केंद्रबिंदु बनाया है। उपनिवेशों के लोग ब्रिटिश जीवन शैली में अपना विश्वास पालते हैं। लेकिन अंग्रेज लोगों का अपने उपनिवेश के रहने वालों के काल्पनिक संसार के प्रति कोई सम्मान का भाव नहीं होता है। वे नीग्रो को समाज के सबसे निचले तबके पर स्थान देते थे। दूसरी ओर लेखक एक सुशिक्षित नीग्रो थे और वे सोचते थे कि उन्होंनेजिस नौकरी के लिए सफलता हासिल की है, उसके लिए वे हर प्रकार से उपयुक्त पात्र हैं। लेकिन जातीय असमानता का भाव उनके मार्ग का सबसे बड़ा बाधक था। यह निश्चय ही ब्रिटिश जीवन शैली के उनके विश्वास के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात था। अत: कहानी का यह शीर्षक जिसका लेखक ने चयन किया था, हर तरह से उपयुक्त सिद्ध होता है।